परहित सरिस धरम नहिं भाई ।पर पीड़ा सम नहिं अधमाई ।।
शबरी माता मंदिर घाटीगांव पर क्षेत्र भ्रमण के दौरान आदिवासी समाज द्वारा आयोजित शाम के भंडारे में सम्मिलित